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उन्होंने कहा कि भाजपा अपने कार्यकर्ताओं की मेहनत को हमेशा सम्मान देती है। उनके अनुसार, पवन सिंह ने चुनावों में सक्रिय भूमिका निभाई है और पार्टी उनके योगदान को याद रखेगी। उन्होंने भरोसा दिलाया कि उन्हें जल्द ही उनका “हक” मिलेगा। विपक्ष के आरोपों पर जवाब सांसद ने विपक्षी दलों पर निशाना साधते हुए कहा कि वे जनता के असली मुद्दों से ध्यान भटकाने के लिए इस तरह की बातें उठाते रहते हैं। उन्होंने कहा कि भाजपा में संगठन और राष्ट्रहित को सर्वोपरि रखा जाता है और यही वजह है कि पार्टी लगातार मजबूत होती जा रही है। परिवारवाद के सवाल पर तिवारी ने कहा कि किसी नेता पर तभी परिवारवाद का आरोप लगाया जा सकता है, जब वह अपने पद का उपयोग कर अपने परिवार के सदस्यों को सत्ता में आगे बढ़ाए। उन्होंने संकेत दिया कि मुख्यमंत्री नितीश कुमार के मामले में ऐसा नहीं है, इसलिए उन पर परिवारवाद का आरोप उचित नहीं है।
बिहार के अगले मुख्यमंत्री को लेकर पूछे गए सवाल पर मनोज तिवारी ने सीधे नाम नहीं बताया, लेकिन एक अहम तारीख जरूर सामने रखी। उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक प्रक्रिया के तहत 10 अप्रैल को नए मुख्यमंत्री के नाम की घोषणा की जाएगी। मुख्यमंत्री के इस्तीफे को लेकर उन्होंने कहा कि जीवन में उम्र का भी महत्व होता है और इसी को ध्यान में रखते हुए राज्यसभा जाने की इच्छा जताई गई थी, जिसे एनडीए ने स्वीकार किया है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री आज भी उनके नेता हैं और आगे भी मार्गदर्शन देते रहेंगे। साथ ही उन्होंने बिहार के विकास में उनके योगदान की सराहना भी की। मनोज तिवारी के इस बयान के बाद बिहार की राजनीति में हलचल तेज हो गई है। खासकर पवन सिंह को लेकर दिए गए संकेतों ने राजनीतिक गलियारों में नई चर्चाओं को जन्म दे दिया है। अब सबकी नजर 10 अप्रैल पर टिकी है, जब मुख्यमंत्री के नाम का औपचारिक ऐलान होने की संभावना जताई गई है।



