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इन सभी से पूछताछ के बाद गैंग का मुख्य सरगना संतोष सिंह पकड़ा गया पुलिस ने उसके पास मोबाइल फोन जब्त किया हैं जिसमें काफी साक्ष्य मिलने की उम्मीद है, आरोपित के बैंक ऑफिसर बैंक एकाउंट को भी खंगाला जा रहा है, फ्रिज करने की कवायद की जा रही है, सभी को न्यायिक हिरासत में भेजा जा रहा है बाद में रिमांड पर लेकर पूछताछ कर गिरोह विषय में अन्य आरोपीतो पर नकेल कसने की कवायद की जाएगी।
दरअसल रेल डाक निरीक्षक राजेश कुमार ने नगर थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई थी जिसमें बक्सर अमीरपुर के मुकेश कुमार, सिवान कुडोर के विवेक कुमार तिवारी, सारण हरिपुर के जितेश कुमार, मायाटोला के संदेश कुमार, इनामीपुर के राकेश कुमार पांडेय, जलालपुर के धनोज कुमार ठाकुर, बनियापुर के अमन कुमार, गौंदरी के विवेक कुमार, गोपालगंज रामपुरकलां के दिलीप कुमार यादव, गोपालगंज शेर के राजन कुमार और पटना मोदनगाछी के बादल कुमार को आरोपित किया गया है इन सभी से पूछताछ के बाद पुलिस ने मुख्य सरगना संतोष सिंह को गिरफ्तार कर लिया।
पूछताछ के बाद सभी को जेल भेज दिया गया है विभागीय जांच में पता चला कि इन अभ्यर्थियों ने 98 से 99 अंक वाले जाली प्रमाणपत्र तैयार कराए थे, इसके आधार पर उनका नाम चयन सूची में आया था, संदेह होने पर सत्यापन में सभी पकड़े गए, बताते चले कि सभी अभ्यर्थियों ने 27 जनवरी को ग्रामीण डाक सेवक पद की बहाली का नोटिफिकेशन जारी होने के बाद आनलाइन आवेदन किया था, अधिक अंक वाले अभ्यर्थियों की चयन सूची 19 फरवरी को जारी की गई थी, प्रमाणपत्र सत्यापन के लिए इन सभी ने मुजफ्फरपुर प्रधान डाकघर का विकल्प दिया था प्रधान डाकघर के रेल डाक कार्यालय में फर्जी प्रमाणपत्र सामने आने पर सभी को गिरफ्तार किया गया।