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कैंप के दौरान विभिन्न बैंकों द्वारा कुल 11 उद्यमियों के आवेदन स्वीकृत किए गए और उन्हें 78 लाख रुपये की ऋण राशि मंजूर की गई। इस पहल का उद्देश्य जिले में छोटे उद्योगों और स्वरोजगार को प्रोत्साहित करना है।प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम (PMEGP) के अंतर्गत 4 लाभुकों को 30 लाख रुपये का ऋण स्वीकृत किया गया। वहीं प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्योग उन्नयन योजना (PMFME) के तहत 7 उद्यमियों को 48 लाख रुपये का लोन मंजूर किया गया, जिससे खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्र को मजबूती मिलने की उम्मीद है।
इस अवसर पर उद्योग विभाग के संयुक्त सचिव, वरीय उप समाहर्त्ता (बैंकिंग), जिला उद्योग केन्द्र के महाप्रबंधक, जिला अग्रणी प्रबंधक (पंजाब नेशनल बैंक), बिहार ग्रामीण बैंक के क्षेत्रीय प्रबंधक समेत सभी बैंकों के जिला समन्वयक और शाखा प्रबंधक मौजूद रहे। बैठक के दौरान उप विकास आयुक्त ने बैंकों के अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि वित्तीय वर्ष के समापन 31 मार्च से पहले सभी योजनाओं के निर्धारित लक्ष्य को शत-प्रतिशत पूरा किया जाए। साथ ही लंबित आवेदनों के जल्द निपटारे और ऋण वितरण की प्रक्रिया में तेजी लाने पर भी जोर दिया गया, ताकि अधिक से अधिक युवाओं को रोजगार के अवसर मिल सकें।



