Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!

पांच दिनों तक पुलिस को उलझाए रखा सिरकटी लाशों ने
पूरा मामला तब सामने आया जब 10 मई को चौसा-मोहनियां NH-319A पर पनसेरवा दुर्गावती नदी के पास दो सूटकेस में सिरकटी लाशें बरामद हुईं। शवों के टुकड़े देख पुलिस भी सन्न रह गई। इसके दो दिन बाद 12 मई को अभैदे विश्वकर्मा पेट्रोल पंप के पास नहर पुलिया किनारे प्लास्टिक की बोरियों में दो अन्य शवों के टुकड़े मिले। लगातार दो जगहों से सिरकटी लाश मिलने के बाद कैमूर पुलिस के लिए यह केस बड़ी चुनौती बन गया। एफएसएल टीम, डॉग स्क्वायड, एसआईटी और तकनीकी जांच टीम को लगाया गया। आखिरकार आंगनबाड़ी की एक बच्ची की ड्रेस और मोबाइल सर्विलांस ने पुलिस को डहरक गांव तक पहुंचा दिया।
बंद घर और बदबू ने खोला हत्या का राज
डहरक गांव स्थित कृष्ण मुरारी गुप्ता के घर पर कई दिनों से ताला लटका था। पुलिस ने निगरानी शुरू की और शनिवार को एसपी हरिमोहन शुक्ला व एसडीपीओ प्रदीप कुमार की मौजूदगी में ताला तोड़ा गया। घर खुलते ही अंदर से तेज बदबू आने लगी। कमरों में जगह-जगह खून के निशान, धारदार हथियार और बिखरा सामान मिला। घटनास्थल की हालत देखकर ऐसा प्रतीत हो रहा था मानो घर के अंदर ही शवों के टुकड़े किए गए हों। पुलिस ने पूरे घर को सील कर साक्ष्य जुटाने शुरू कर दिए।

दो सिर बरामद, बाकी की तलाश जारी
पुलिस के अनुसार अब तक दो सिर बरामद किए जा चुके हैं। वहीं आशंका जताई जा रही है कि बाकी सिर अंकोढ़ी दुर्गावती नदी में फेंके गए हैं। गोताखोरों की मदद से नदी में तलाश अभियान चलाया जा रहा है। एसपी हरिमोहन शुक्ला खुद मौके पर पहुंचकर जांच की निगरानी कर रहे हैं। उनके साथ एसआईटी, मोहनियां और रामगढ़ थाना की टीम लगातार छापेमारी कर रही है।
आंगनबाड़ी की बच्ची की ड्रेस बनी सबसे बड़ा सुराग
मृतक की बेटी कृति डहरक गांव के आंगनबाड़ी केंद्र संख्या 131 में पढ़ती थी। जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि वह 6 मई से केंद्र नहीं जा रही थी। सेविका द्वारा दी गई इस जानकारी के बाद पुलिस का शक गहरा गया। इसके बाद गांव में बंद पड़े घरों और गायब परिवारों की जांच शुरू हुई, जिससे पुलिस सीधे कृष्ण मुरारी गुप्ता के घर तक पहुंच गई।
परिवार में लंबे समय से चल रहा था विवाद
ग्रामीणों के अनुसार कृष्ण मुरारी गुप्ता चार भाइयों में सबसे बड़ा था। उसका व्यवहार काफी आक्रामक और विवादित माना जाता था, बताया जाता है कि भाइयों के साथ उसका अक्सर विवाद होता रहता था, यहां तक कि वह अपने भाइयों विकास और सुभाष की शादी तक नहीं होने देना चाहता था। ग्रामीणों का कहना है कि कृष्ण मुरारी का स्वभाव ऐसा था कि मोहल्ले के लोग भी उससे दूरी बनाकर रहते थे।
2020 में भी कर चुका था हत्या
जांच के दौरान यह बात भी सामने आई कि वर्ष 2020 में कृष्ण मुरारी गुप्ता ने नुआंव में अपने साले सूरज गुप्ता की धारदार हथियार से हत्या कर दी थी, उस मामले में वह जेल भी जा चुका था, इस पुराने आपराधिक इतिहास को भी पुलिस मौजूदा जांच से जोड़कर देख रही है।
7 मई से बंद था मोबाइल और व्हाट्सएप
पुलिस जांच में यह भी सामने आया कि सोशल मीडिया पर काफी सक्रिय रहने वाला कृष्ण मुरारी 7 मई के बाद अचानक पूरी तरह गायब हो गया था। उसका मोबाइल और व्हाट्सएप बंद हो गया था।
यही डिजिटल गतिविधि पुलिस को उसके घर तक पहुंचाने में अहम साबित हुई।
हत्या में कई लोगों के शामिल होने की आशंका
पुलिस का मानना है कि इतनी बड़ी वारदात को अकेले अंजाम देना संभव नहीं है। चार लोगों की हत्या, शवों के टुकड़े करना और अलग-अलग जगहों पर ठिकाने लगाना किसी एक व्यक्ति के बस की बात नहीं लग रही।
हालांकि पुलिस ने अभी सिर्फ विकास कुमार गुप्ता की गिरफ्तारी की पुष्टि की है, लेकिन जांच एजेंसियां मान रही हैं कि इस हत्याकांड में कई अन्य लोग भी शामिल हो सकते हैं।
क्या बोले एसडीपीओ
एसडीपीओ प्रदीप कुमार ने कहा कि मामले में एक आरोपी विकास कुमार गुप्ता को गिरफ्तार किया गया है। दो सिर बरामद हो चुके हैं और बाकी की तलाश जारी है। पुलिस हर पहलू पर गंभीरता से जांच कर रही है।



