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कुदरा में सफाई व्यवस्था ठप: कचरे के ढेर से हाल बेहाल, अधिकारी-पार्षद विवाद ने बढ़ाई मुश्किलें

कुदरा में सफाई व्यवस्था ठप: हड़ताल और विवाद से फैली गंदगी, लोग परेशान

Bihar: कैमूर जिले के कुदरा नगर पंचायत में पिछले कई दिनों से सफाई व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है, जिससे आम लोगों का जीवन प्रभावित हो रहा है। करीब छह दिनों से सफाई कर्मियों की हड़ताल के कारण न तो सड़कों की सफाई हो रही है और न ही कचरे का उठाव, जिसके चलते पूरे नगर में गंदगी का अंबार लग गया है।

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गंदगी का लगा अंबार
गंदगी का लगा अंबार

सबसे ज्यादा खराब स्थिति कुदरा बाजार इलाके की बताई जा रही है, जहां सड़कों पर फैले कचरे और उससे उठ रही बदबू ने लोगों का जीना दूभर कर दिया है। स्थानीय लोगों में इसको लेकर भारी नाराजगी देखी जा रही है। जानकारी के मुताबिक, सफाई कर्मी मजदूरी में कटौती और अन्य मांगों को लेकर 7 अप्रैल से हड़ताल पर हैं। वहीं दूसरी ओर नगर पंचायत प्रशासन के भीतर चल रहा विवाद इस समस्या को और जटिल बना रहा है। कार्यपालक पदाधिकारी उजाली राज और वार्ड पार्षदों के बीच पहले से जारी मतभेद अब खुलकर सामने आ गए हैं। शनिवार को नगर पंचायत कार्यालय में सफाई व्यवस्था को लेकर आयोजित बैठक के दौरान विवाद और बढ़ गया। मुख्य पार्षद सुरेंद्र कुमार पाल के साथ पार्षद बैठक कर रहे थे, तभी कार्यपालक पदाधिकारी भी वहां पहुंच गईं।

इसी दौरान फोटो और वीडियो बनाने को लेकर दोनों पक्षों के बीच तीखी बहस शुरू हो गई, जो बाद में विवाद में बदल गई। हालात इतने बिगड़ गए कि मौके पर पुलिस को हस्तक्षेप करना पड़ा। घटना के बाद दोनों पक्षों ने एक-दूसरे पर गंभीर आरोप लगाए हैं। कार्यपालक पदाधिकारी ने पार्षदों पर दुर्व्यवहार और हाथापाई का आरोप लगाया है, जबकि पार्षदों ने इन आरोपों को साजिश करार दिया है।
मामले को लेकर थाने में तीन अलग-अलग आवेदन दिए गए हैं। एक आवेदन कार्यपालक पदाधिकारी की ओर से, जबकि दो आवेदन वार्ड पार्षद दूधनाथ राम और दीपा देवी द्वारा दर्ज कराए गए हैं। पुलिस ने सभी शिकायतों की जांच शुरू कर दी है। इधर, सफाई व्यवस्था ठप होने से नगर में बीमारी फैलने का खतरा बढ़ गया है। लोगों का कहना है कि प्रशासनिक खींचतान और कर्मियों की हड़ताल का खामियाजा आम जनता को भुगतना पड़ रहा है, लेकिन जिम्मेदार अधिकारी समस्या के समाधान की बजाय आपसी विवाद में उलझे हुए हैं।

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