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आंकड़ों के मुताबिक, राज्य में हत्या के मामलों में 7 प्रतिशत से अधिक, डकैती में करीब 25 प्रतिशत और दंगा जैसी घटनाओं में लगभग 18 प्रतिशत की गिरावट आई है। इसे अपराध नियंत्रण के लिए अपनाई गई रणनीति का प्रत्यक्ष परिणाम माना जा रहा है। डकैती, लूट, दुष्कर्म और अपहरण जैसे मामलों में व्यापक कार्रवाई करते हुए पुलिस ने वर्ष भर में लाखों अभियुक्तों को गिरफ्तार किया है। अपराध से अर्जित संपत्ति पर भी सख्त रुख अपनाया गया है। पुलिस ने दर्जनों कुख्यात अपराधियों की संपत्ति जब्ती की प्रक्रिया शुरू की है, जबकि बड़ी संख्या में मामलों को न्यायालय भेजा गया है। इस कार्रवाई का उद्देश्य संगठित अपराध और माफिया नेटवर्क की आर्थिक कमर तोड़ना बताया गया।
नए कानून बीएनएसएस के तहत भी निरोधात्मक कदम उठाए गए हैं। लाखों लोगों पर संबंधित धाराओं के तहत कार्रवाई कर संभावित अपराधों को पहले ही रोकने का प्रयास किया गया। वहीं शराबबंदी को प्रभावी ढंग से लागू करते हुए भारी मात्रा में देसी और विदेशी शराब जब्त की गई है। नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में भी पुलिस को सफलता मिली है। कई नक्सलियों की गिरफ्तारी के साथ एक मुठभेड़ में एक नक्सली के मारे जाने की पुष्टि की गई। साइबर अपराध के मामलों में भी तकनीकी जांच के आधार पर कार्रवाई की गई है। प्रेस कॉन्फ्रेंस में अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि जनता की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और आने वाले समय में पुलिसिंग को और अधिक आधुनिक व प्रभावी बनाया जाएगा।



