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गिरफ्तार आरोपियों की पहचान अविनाश पांडेय, विराज पांडेय और हरिश पांडेय उर्फ राजधन पांडेय के रूप में हुई है। बताया जा रहा है कि तीनों आपस में चचेरे भाई हैं। हालांकि, पुलिस अब तक हत्या में इस्तेमाल हथियार बरामद नहीं कर पाई है और उसकी तलाश जारी है। इस सनसनीखेज वारदात के बाद जिले के पुलिस अधीक्षक मिस्टर राज ने मामले की गंभीरता को देखते हुए विशेष जांच टीम (SIT) का गठन किया था। टीम ने तकनीकी साक्ष्य और स्थानीय इनपुट के आधार पर तेजी से कार्रवाई करते हुए आरोपियों तक पहुंच बनाई। मृतक के दादा रामाकांत पांडेय द्वारा दर्ज कराई गई प्राथमिकी में गंभीर आरोप लगाए गए हैं।
उनके अनुसार, परिवार की महिला सदस्य पर गलत नजर रखने का विरोध करने पर सुमित को निशाना बनाया गया। प्राथमिकी में कहा गया है कि 16 मार्च की रात करीब 11 बजे विराज पांडेय ने सुमित को फोन कर घर से बाहर बुलाया था। अगले दिन सुबह सुमित का शव बनकट रोड स्थित पुल के पास बरामद हुआ, जिसके सिर में गोली लगने के स्पष्ट निशान पाए गए। घटना के बाद इलाके में सनसनी फैल गई थी और परिजनों में आक्रोश का माहौल था।
एसपी ने बताया कि गिरफ्तार सभी आरोपियों को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। जल्द ही उन्हें रिमांड पर लेकर पूछताछ की जाएगी ताकि हत्या के पीछे के पूरे घटनाक्रम और साजिश का खुलासा हो सके। फिलहाल पुलिस मामले की गहन जांच में जुटी हुई है।



