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अहमदाबाद से लौटे युवक की संदिग्ध मौत का खुलासा, हत्या के आरोप में तीन गिरफ्तार

कैमूर में युवक की हत्या मामले में तीन गिरफ्तार | चैनपुर पुलिस की बड़ी कार्रवाई , kaimur-chanpur-hatya-mamla-teen-giraftar

कैमूर (बिहार)। चैनपुर थाना क्षेत्र में राष्ट्रीय राजमार्ग-219 किनारे घायल अवस्था में मिले युवक की मौत के मामले में पुलिस ने हत्या के आरोप में तीन लोगों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपियों में तिवई गांव निवासी 24 वर्षीय सुरेश कुमार मौर्य (पिता–कमलेश सिंह) तथा भगवानपुर थाना क्षेत्र के उमापुर गांव निवासी 26 वर्षीय चंदन कुमार गुप्ता (पिता–मनोज साह) और 19 वर्षीय विशाल कुमार उर्फ पखंडू (पिता–टप्पू कहार) शामिल हैं। पुलिस ने तीनों को न्यायिक हिरासत में भेज दिया है।

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हत्या मामले में तीन गिरफ्तार

सड़क किनारे घायल मिले थे दो युवक
बताया जाता है कि 13 फरवरी की रात चैनपुर थाना क्षेत्र से गुजरने वाले राष्ट्रीय राजमार्ग-219 पर अवंखरा के समीप पुलिस गश्ती के दौरान सड़क किनारे एक क्षतिग्रस्त बाइक के पास दो युवक गंभीर रूप से घायल अवस्था में मिले थे। दोनों को पहले चैनपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र और बाद में भभुआ सदर अस्पताल ले जाया गया। हालत नाजुक होने पर उन्हें वाराणसी ट्रॉमा सेंटर रेफर किया गया, जहां ले जाते समय एक युवक की मौत हो गई, जबकि दूसरे का इलाज जारी रहा। मृतक के पास कोई पहचान पत्र नहीं मिलने के कारण उसकी शिनाख्त नहीं हो सकी थी। पोस्टमार्टम के बाद शव को 72 घंटे तक भभुआ मोर्चरी में रखा गया, लेकिन पहचान नहीं होने पर पुलिस ने अंतिम संस्कार करा दिया।

पिता ने दर्ज कराया हत्या का मामला
22 फरवरी को भगवानपुर थाना क्षेत्र के उमापुर निवासी मक्खू बिंद ने चैनपुर थाने पहुंचकर मृतक की पहचान अपने पुत्र मनीष बिंद के रूप में की। उन्होंने पुलिस को बताया कि मनीष अहमदाबाद में काम करता था और 11 फरवरी को वह तिवई निवासी सुरेश कुशवाहा के साथ घर लौट रहा था, लेकिन घर नहीं पहुंचा।

परिजनों के अनुसार 16 फरवरी को सुरेश ने घर आकर बताया था कि उसने मनीष को मुंडेश्वरी के पास छोड़ दिया था। संदेह होने पर मृतक के पिता ने सुरेश कुशवाहा, चंदन कुमार गुप्ता और विशाल कुमार उर्फ पखंडू के खिलाफ हत्या का आरोप लगाते हुए आवेदन दिया। उन्होंने यह भी बताया कि मनीष के पास 34,500 रुपये नकद और एक मोबाइल फोन था, जो घटना के बाद से गायब है।

जांच के बाद गिरफ्तारी
थानाध्यक्ष विजय प्रसाद ने बताया कि प्रारंभ में दुर्घटना मानकर मामला मोहनिया ट्रैफिक थाने में दर्ज किया गया था। लेकिन मृतक की पहचान होने और परिजनों द्वारा हत्या का आरोप लगाए जाने के बाद मामले की गहन जांच की गई। जांच के आधार पर तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। पुलिस मामले की आगे की पड़ताल कर रही है और मोबाइल व नकदी के संबंध में भी जांच जारी है।

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