Bihar: कैमूर जिले के चैनपुर थाना क्षेत्र अंतर्गत अवंखरा गांव के समीप 13 फरवरी की रात हुई सड़क दुर्घटना में घायल एक युवक की इलाज के दौरान मौत हो गई थी। अब इस मामले में मृतक की पहचान भगवानपुर थाना क्षेत्र के उमापुर गांव निवासी मक्खू बिंद के पुत्र मनीष बिंद के रूप में हुई है। पहचान के बाद परिजनों ने हत्या की आशंका जताते हुए तीन लोगों पर गंभीर आरोप लगाए हैं।
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क्या था पूरा मामला?
13 फरवरी की रात करीब 9 बजे गश्ती पर निकली चैनपुर पुलिस को अवंखरा गांव के पास सड़क किनारे दो युवक गंभीर रूप से घायल अवस्था में मिले थे। घटनास्थल पर एक क्षतिग्रस्त बाइक भी पड़ी थी। दोनों युवक अचेत थे, जिन्हें तत्काल चैनपुर अस्पताल और फिर बेहतर इलाज के लिए भभुआ सदर अस्पताल भेजा गया। वहां से एक युवक को ट्रामा सेंटर रेफर किया गया, लेकिन रास्ते में ही उसकी मौत हो गई। दूसरे युवक का इलाज जारी है।
मृतक की पहचान तत्काल नहीं हो सकी थी। शव को 72 घंटे तक भभुआ सदर अस्पताल के मर्चरी हाउस में रखा गया, लेकिन शिनाख्त नहीं होने पर अंतिम संस्कार कर दिया गया।
22 फरवरी को हुई पहचान
22 फरवरी की शाम मृतक के परिजन चैनपुर थाना पहुंचे, जहां उपलब्ध जानकारी के आधार पर मृतक की पहचान मनीष बिंद के रूप में की गई। घायल युवक की पहचान चंदन कुमार गुप्ता, निवासी उमापुर, के रूप में हुई है। दोनों एक ही गांव के रहने वाले बताए जा रहे हैं।
परिजनों का आरोप: साजिश के तहत हत्या
मृतक के पिता मक्खू बिंद ने चैनपुर थाने में दिए आवेदन में आरोप लगाया है कि उनके पुत्र की हत्या साजिश के तहत की गई है। आवेदन में उमापुर निवासी चंदन कुमार गुप्ता, पखड़ु कहार और तिवई निवासी सुरेश कुशवाहा पर हत्या कर शव को अवंखरा के पास फेंकने का आरोप लगाया गया है।
परिजनों का कहना है कि मनीष बिंद अहमदाबाद में काम करता था और 11 फरवरी को वहां से सुरेश कुशवाहा के साथ चले। 16 फरवरी को सुरेश कुशवाहा ने सूचना दी थी कि उसने मनीष को मुंडेश्वरी में छोड़ा है, जिसके बाद उसका मोबाइल बंद हो गया। परिवार ने खोजबीन की, तब 22 फरवरी को भगवानपुर थाना के माध्यम से दुर्घटना की जानकारी मिली।
परिजनों ने यह भी आरोप लगाया है कि मनीष के पास 34,500 रुपये नगद और मोबाइल फोन था, जो घटना के बाद गायब है।
पुलिस का पक्ष
चैनपुर थानाध्यक्ष विजय प्रसाद ने बताया कि 13 फरवरी की रात सड़क दुर्घटना में दो युवक घायल हुए थे, जिनमें से एक की मौत हो गई थी। पहचान नहीं होने के कारण शव को 72 घंटे तक सुरक्षित रखा गया और बाद में अंतिम संस्कार कर दिया गया। इस मामले में मोहनिया ट्रैफिक थाना में दुर्घटना का मामला दर्ज है।
उन्होंने बताया कि 22 फरवरी को परिजन थाने पहुंचे और आवेदन देकर तीन लोगों पर हत्या का आरोप लगाया है। आवेदन प्राप्त होने के बाद मामले की जांच शुरू कर दी गई है और सभी पहलुओं पर जांच की जा रही है।




