Bihar | अररिया (सिकटी): सीमांचल दौरे के दूसरे दिन केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने अररिया जिले के सिकटी प्रखंड स्थित लेटी एसएसबी कैंप से भारत-नेपाल सीमा की सुरक्षा को लेकर कई अहम घोषणाएं कीं। उन्होंने स्पष्ट कहा कि सीमा से सटे 10 किलोमीटर के परिक्षेत्र को अतिक्रमण मुक्त कराया जाएगा और अवैध निर्माणों को तत्काल हटाया जाएगा।
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इस मौके पर उन्होंने करीब ₹170 करोड़ की योजनाओं का लोकार्पण और भूमि पूजन किया, जो मुख्य रूप से सीमा पर तैनात सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी) की आधारभूत सुविधाओं के विस्तार से जुड़ी हैं।
खुली सीमा की सुरक्षा बड़ी चुनौती
गृह मंत्री ने कहा कि वर्ष 2014 के बाद नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार ने सीमा सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी है।
भारत-नेपाल की 1751 किमी खुली सीमा की सुरक्षा एसएसबी के जिम्मे है।
भारत-भूटान की 533 किमी सीमा की निगरानी भी एसएसबी करती है।
उन्होंने कहा कि बिना बाड़ वाली सीमा की सुरक्षा सतत सतर्कता और आधुनिक संसाधनों की मांग करती है।
घुसपैठियों को “चुन-चुन कर” बाहर भेजने का संदेश
अपने संबोधन में अमित शाह ने सीमांचल, बिहार, झारखंड और पश्चिम बंगाल में कथित जनसांख्यिकीय बदलाव पर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि केवल मतदाता सूची से नाम हटाना पर्याप्त नहीं है, बल्कि घुसपैठ की जड़ पर प्रहार करना होगा।
केंद्र और राज्य सरकार मिलकर उच्च स्तरीय समिति गठित करेंगी। सीमावर्ती इलाकों से अवैध घुसपैठियों को बाहर करने के लिए ठोस कार्ययोजना लागू होगी।
बॉर्डर सड़क परियोजना में तेजी
गृह मंत्री ने बताया कि भारत-नेपाल सीमा पर 532 किमी लंबी सड़क परियोजना पर काम चल रहा है। ₹2496 करोड़ की लागत से 18 खंडों में निर्माण प्रस्तावित। 14 खंडों का कार्य ₹2436 करोड़ खर्च कर पूरा हो चुका। शेष 4 खंडों का कार्य जल्द पूरा होगा।
‘वाइब्रेंट विलेज’ से सीमांत गांवों का विकास
केंद्र सरकार की ‘वाइब्रेंट विलेज’ योजना के तहत सीमावर्ती गांवों के विकास पर जोर दिया जाएगा। आधारभूत सुविधाओं का विस्तार, स्थानीय लोगों के साथ मैत्रीपूर्ण समन्वय, सूचना तंत्र को मजबूत कर नारकोटिक्स व राष्ट्रविरोधी गतिविधियों पर अंकुश।
बंगाल चुनाव पर भी दिया संकेत
अमित शाह ने कहा कि पश्चिम बंगाल में जनसांख्यिकीय बदलाव गंभीर विषय है। आगामी विधानसभा चुनाव में भाजपा घुसपैठ के मुद्दे को प्रमुख एजेंडा बनाएगी और सरकार बनने पर प्राथमिकता से कार्रवाई होगी।
मैराथन बैठक में सात जिलों के अधिकारी शामिल
लेटी कैंप से लौटने के बाद अररिया समाहरणालय में गृह मंत्री ने भारत-नेपाल सीमा से जुड़े मुद्दों पर विस्तृत समीक्षा बैठक की। बैठक में केंद्रीय गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय, बिहार के उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी सहित गृह मंत्रालय, आसूचना ब्यूरो और सात सीमावर्ती जिलों के डीएम-एसपी मौजूद रहे।
बैठक में सीमा सुरक्षा, घुसपैठ, जनसांख्यिकीय बदलाव और स्थानीय प्रशासनिक चुनौतियों पर फीडबैक लिया गया तथा आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए गए।
सीमांचल दौरे के दौरान गृह मंत्री का यह संदेश साफ रहा कि सीमा सुरक्षा, अतिक्रमण हटाने और अवैध गतिविधियों पर सख्त कार्रवाई सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है।



