Homeचैनपुरहाटा में नवरात्रि पर मां दुर्गा को लगता है रोज 56 भोग...

हाटा में नवरात्रि पर मां दुर्गा को लगता है रोज 56 भोग आरती में शामिल होते हैं हजारों श्रद्धालु

Bihar: कैमूर जिले के चैनपुर प्रखंड अंतर्गत नगर पंचायत हाटा में अनूठी परंपरा चली आ रही है केशव नगर में नवरात्रि के पहर प्रतिमा स्थापित कर मां दुर्गा की पूजा अर्चना के दौरान प्रतिदिन 56 भोग का प्रसाद चढ़ाया जाता है, पूरे कैमूर में यही एक ऐसा स्थल है जहां पूरे नवरात्रि 56 भोग का प्रसाद चढ़ाया जाता है जो लोगों के बीच काफी आकर्षक का केंद्र है, इन सभी में सबसे महत्वपूर्ण यह है कि छप्पन भोग प्रसाद चढ़ाने के लिए श्रद्धालुओं में की होड़ लगी रहती है।

Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!

NAYESUBAH NAYESUBAH NAYESUBAH NAYESUBAH NAYESUBAH NAYESUBAH

पूजा कमेटी के सदस्य तुलसी सेठ़, अनिल पटवा, नीरज जयसवाल, कन्हैया सेठ सहित मौजूद अन्य सदस्यों के द्वारा बताया गया 17 वर्ष पूर्व केशव नगर हाटा में मां की प्रतिमा स्थापित कर पूजा अर्चना प्रारंभ हुई थी 17 वर्षों से निरंतर पूरा नवरात्रि सुबह और शाम मां दुर्गा की भव्य आरती होती है, जिसमें छप्पन भोग के प्रसाद चढ़ाया जाते हैं, इस प्रसाद को चढ़ाने के लिए श्रद्धालुओं में होड़ लगी रहती है कई बार तो ऐसी स्थिति उत्पन्न होती है कि कई श्रद्धालु के द्वारा 56 भोग का प्रसाद चढ़ाया जाता है, महाआरती में खासकर शाम के पहर हजारों की संख्या में श्रद्धालु सम्मिलित होते हैं और मां का प्रसाद प्राप्त कर आशीर्वाद प्राप्त करते हैं।

बात की जाए पूरे हाटा नगर पंचायत की तो हाटा नगर पंचायत में मात्र चार स्थलों पर ही माता की प्रतिमा स्थापित की जाती है जिसमें प्रथम सार्वजनिक रूप से राम जानकी नगर में सामूहिक पूजा होती है, जिसमें सभी ग्रामीणों का विशेष सहयोग होता है, जबकि दूसरा व्यापारी संघ के माध्यम से माता की पूजा अर्चना की जाती है, जिसमें नगर पंचायत हाटा के चेयर रमेश कुमार जायसवाल का विशेष सहयोग होता है।

NAYESUBAH

तीसरा व्यापारिक संघ के द्वारा ही सतौना गेट के समीप मूर्ति स्थापित कर पूजा अर्चना होती है जबकि चौथा केशव नगर में मां की प्रतिमा स्थापित का पूजा अर्चना होती है केशव नगर में स्थापित मां की प्रतिमा की विशेषता यह है कि नवरात्रि के प्रथम दिन से ही मां का पट खोल दिया जाता है और पूरे 9 दिन पूजा अर्चना के साथ ही महा आरती होती है जिसमें बढ़ चढ़कर श्रद्धालुओं के द्वारा हिस्सा लिया जाता है।

RELATED ARTICLES
- Advertisment -

Most Popular

Recent Comments