Homeचैनपुरसैरात निर्धारित राशि हो रही अधिक वसूली, नहीं लगा है सैरात रेट...

सैरात निर्धारित राशि हो रही अधिक वसूली, नहीं लगा है सैरात रेट बोर्ड

Bihar: कैमूर जिले के चैनपुर प्रखंड क्षेत्र के नगर पंचायत हाटा में सैरात वसूली के लिए हुए बंदोबस्ती के बाद वसूल की जा रही राशि निर्धारित राशि से अधिक लेने का आरोप स्थानीय लोगों के द्वारा लगाया जा रहा है, खासकर वाहन चालकों का कहना है कि सैरात वसूली मनमाने ढंग से हो रही है, मुख्य स्थानों पर सैरात रेट निर्धारण बोर्ड नहीं लगाए गए हैं, जिस कारण सैरात की वसूली कर रहे हैं लोगों द्वारा नाजायज फायदा उठाया जा रहा है।

Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!

NAYESUBAH

NAYESUBAH

बाहरी वाहन चालक अधिक परेशान है जो सामान आदि वाहनों में लादकर हाटा बाजार उतारने के लिए पहुंच रहे हैं, वाहन चालक एवं ग्रामीणों का कहना है कि इसकी कई बार मौखिक शिकायत नगर पंचायत हाटा कार्यालय में की गई है मगर कोई सुनवाई नहीं हो रही है।
मनमाने वसूली से जुड़ी जानकारी नगर पंचायत हाटा के अध्यक्ष रमेश कुमार जायसवाल से लिए तो उन्होंने बताया सैरात बंदोबस्ती शिव मूरत बिंद पिता तुलसी बिंद के नाम पर हुई है।

जिसमें सैरात रेट निर्धारण इस तरह है, विक्रम टेंपो तीन चक्का 10 रुपए प्रतिदिन, थ्री व्हीलर 10 रुपए प्रतिदिन, ई रिक्शा 10 रुपए प्रतिदिन, फोर व्हीलर 20 रुपए प्रतिदिन, ट्रक 100 रुपए प्रतिदिन, ट्रैक्टर 25 रुपए प्रतिदिन, ठेला 10 प्रतिदिन, 1109 मिनी बस 30 रुपए प्रतिदिन, बस 40 रुपए प्रतिदिन, नगर पंचायत क्षेत्र में स्थित गुमटी से 10 रुपए प्रतिदिन, थोक भाव में हाटा बाजार में आकर सब्जी बेचने वाले से प्रति टोकरी 5 रुपए प्रतिदिन, बोरा 5 रुपए प्रतिदिन, ट्रक मीडियम 50 रुपए प्रतिदिन डीसीएम और वोगा 50 रुपए प्रतिदिन, जीप 20 रुपए प्रतिदिन भूसी ट्रक 100 रुपए प्रतिदिन, भूसी पिकअप 50 रुपए प्रतिदिन एवं भूसी ट्रैक्टर 50 रुपए प्रतिदिन वसूल किया जाना है।

कुछ दुकानदार एवं वाहन चालकों के द्वारा यह शिकायत की जा रही है कि निर्धारित रेट से अधिक वसूली की जा रही है साथ ही ग्रामीणों की यह शिकायत है कि सैरात की वसूली का रेट बोर्ड सार्वजनिक स्थलों पर नहीं लगाया गया है, जिस कारण मनमानी हो रही है, लोगों को बोला गया है लिखित रूप से इसकी शिकायत नगर पंचायत कार्यालय में करें, उस आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी साथ ही सैरात वसूली स्थलों पर रेट बोर्ड लगाने के लिए संवेदक से कहा जाएगा, ताकि मनमाने तरीके से सैरात की वसूली न हो।

RELATED ARTICLES
- Advertisment -

Most Popular

Recent Comments