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संसद में हुए हमले पर राहुल गांधी के टिप्पणी पर गिरिराज सिंह की तीखी प्रक्रिया

Bihar: बेगूसराय में केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह संसद पर हुए हमले को लेकर राहुल गांधी पर जमकर बोला हमला। उन्होंने कहा है कि संसद पर हुए हमले जैसे संवेदनशील मुद्दे को राहुल गांधी भ्रष्टाचार और महंगाई से जोड़ रहे हैं। राहुल गांधी ने इस मुद्दे पर पहले अपने लोगों को बुला लिया तब ज्ञान बांट रहे हैं। राहुल गांधी तो ऐसे लोग हैं जो कभी जेएनयू जाकर अफजल की बरखी पर समर्थन करते हैं, तो कभी टुकड़े-टुकड़े गैंग के साथ खड़ा रहते हैं।

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उन्होंने कहा कि किसान आंदोलन को जिस तरह से परत दर परत खुला, उसी तरह से संसद पर हुए हमले का भी परत दर परत खुलासा होगा। उसके बाद राहुल गांधी टुकड़े-टुकड़े गैंग के साथ खड़े दिखेंगे और अफजल के सहयोगी के साथ दिखेंगे क्योंकि राहुल गांधी तो कभी देश के हित में खड़े दिखे ही नहीं। उन्होंने केवल देश को अस्थिर करने और नरेन्द्र मोदी को बदनाम करने के लिए हमेशा काम किया है। लेकिन नरेंद्र मोदी को बदनाम करते-करते अब देश को बदनाम कर रहे हैं। किसान आंदोलन में उनके टूल किट कनेक्शन का खुलासा हुआ था। उसी तरह संसद पर हुए हमले में भी बहुत सारी चीज सामने आएगी। राजद द्वारा संसद पर हुए हमले को भाजपा की साजिश बताए जाने पर गिरिराज सिंह ने कहा कि राजद के ज्ञान पर कुछ भी कहना मुश्किल है। जल्द ही राजद नेताओं को पता चल जाएगा कि यह भाजपा की साजिश है या किसी अन्य की।

गिरिराज सिंह ने कहा कि देश में हिंदू धर्मावलंबी कई चीजों पर पुनर्विचार करते रहे हैं। श्याम मंदिर में बलि प्रथा बंद किया जाना, कमेटी का निर्णय है। कुछ लोग कहते हैं कि बलि प्रथा बंद होनी चाहिए, बंद करने की बात कहने वालों की जुबान बकरीद पर क्यों नहीं खुलती है। इस मामले को सामाजिकता में देखना चाहिए समाज के अनुरूप काम होना चाहिए। सड़क किनारे मांस बेचे जाने पर सवाल उठाते हुए गिरिराज सिंह ने कहा कि बेगूसराय सहित देश के विभिन्न हिस्सों में बड़े पैमाने पर सड़क किनारे खुलेआम मांस बेचे जा रहे हैं। बेगूसराय में बरौनी रिफाइनरी गेट के बाहर कई दुकानों में खुलेआम मांस बिक रहा है। इसके लिए ना तो कॉरपोरेशन लाइसेंस देता है और ना ही इसकी व्यवस्था करता है। कलेक्टर भी इसकी व्यवस्था नहीं करते हैं। ऐसी दुकानों को सड़क किनारे से हटाया जाए। जैन और सनातन धर्मावलंबी लोग बराबर कहते हैं कि सुबह में निकलने पर बहुत खराब लगता है। स्वच्छता और स्वास्थ्य के लिए भी यह बाधक है। प्रशासन वधशाला बनाए, मीट और मछली बेचने की अलग व्यवस्था करे, सड़क किनारे की व्यवस्था का खराब दुष्परिणाम सामने आ रहा है।

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