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मंत्रिमंडल ने चार लाख से ऊपर राज्य कर्मियों की प्रोन्नति सहित अन्य को दी मंजूरी

Bihar: राज्य मंत्रिमंडल ने राज्य के सभी प्रोन्नति के योग्य पदाधिकारियों व कर्मचारियों को वेतनमान सुविधाओं समेत प्रोन्नति की सारी सुविधाएं देने का निर्णय किया है, इससे लम्बे समय से लंबित चार लाख से ऊपर सभी राज्य कर्मियों की प्रोन्नति का रास्ता साफ हो गया, शर्त यह है कि सुप्रीम कोर्ट के फैसले के अनुसार पदों पर प्रोन्नति प्रभावित होगी पर वे अगर नीचे वाले पद पर आएंगे तो भी उनसे उच्च पदों पर लिए गए वेतनमान को सरकार नहीं वसूलेगी।

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सुप्रीम कोर्ट
सुप्रीम कोर्ट

मंत्रिमंडल ने एससी के 16 और एसटी के एक यानी कुल 17% पदों को फ्रीज करते हुऐ बचे 83% पदों पर प्रोन्नति देने का निर्णय लिया है, इन 83% पदों पर प्रोन्नति देने में भी यह देखा जाएगा कि एससी के 16 और एसटी के एक यानी कुल 17% पदों का कितना प्रतिनिधित्व है, यदि निर्धारित 17% पदों में उदहारण के लिए 5% या 7% पद ही भरते हैं तो शेष बचे 11 या 10% पदों को भी फ्रीज रखा जाएगा।

बताते चले कि वर्ष 2016 से एससी-एसटी के पदों की प्रोन्नति का मामला सुप्रीम कोर्ट में चल रहा है, इस कारण राज्य में सभी स्तर के कर्मचारियों अधिकारियों को उनके ही वेतनमान में अब तक उच्च पदों का चार्ज दिया जाता रहा है, उन्हें उच्च पदों का वेतनमान नही मिलता अब सरकार के इस महत्वपूर्ण निर्णय से जिस पद पर कर्मी अधिकारी काम करेंगे उस पद का वेतनमान व अन्य सुविधाएं उन्हें मिलेंगी हालांकि रोस्टर का बिंदु अभी स्थगित रखा गया है और भविष्य में सुप्रीम कोर्ट के निर्णय के बाद सभी को नियमित प्रोन्नति दी जाएगी।

इंदिरा गांधी आयुर्विज्ञान संस्थान में क्षेत्रीय चक्षु संस्थान के विस्तार की योजना को मंजूरी दी गई, इसके बाद यह संस्थान संपूर्ण उत्तर पूर्व भारत में सरकारी क्षेत्र का सबसे बड़ा चक्षु चिकित्सा संस्थान बन जाएगा इसमें 12 मॉड्यूलर ऑपरेशन थिएटर एवं 154 बेड क्षमता होगी संस्थान का अपना रिसर्च विंग एवं 24 घंटा कार्यरत इमरजेंसी होगा, धान एवं गेहूं खरीद के लिए बिहार राज्य सरकारी बैंक को राष्ट्रीय सहकारी विकास निगम, नाबार्ड अन्य वित्तीय संस्थाओं से 8000 करोड रुपए ऋण प्राप्त करने के लिए राजकीय गारंटी को मंजूरी दी है, 37 करोड़ 83 लाख रुपए की नई कार्य योजना से वामपंथी उग्रवाद प्रभावित राज्यों में केंद्र प्रायोजित विशेष आधारभूत संरचना योजना वर्ष 2022-26 के तहत विशेष सूचना शाखा विशेष कार्यालय एवं उग्रवाद जिलों के जिला पुलिस बल के उन्नयन व सुदृढ़ीकरण की योजना मंजूर की गई है।

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